केन्द्र अथवा राज्य सरकारों के लिए रिज़र्व बैंक, बैंकनोट नहीं छापता।
बैंकनोटों के लेन-देन से लोग वस्तु या सेवाएँ आदि का आदान-प्रदान कर अपने आवश्यकताओं की पूर्ति लोग कर सकें, इसके लिए रिज़र्व बैंक बैंकनोट छापता है।
इसलिए, जब बात बैंकनोटों की होगी
तीनों तीन विषय हैं
बैंकनोटों का लेन-देन और रुपयों का लेन-देन तथा मुद्रा का लेन-देन
रुपए के लेन-देन को सुधारो, समस्याओ का समाधान होगा 

जन्म - वर्ष 1949, माता - राजेश्वरी,
पिता - लक्ष्मीपति राजू
गांव - नक्कपल्ली, जिला - अनकापल्ली, आंध्रप्रदेश.
स्नातक (विज्ञान), वर्ष - 1971,
रांची विश्वविधालय, झारखण्ड.
टाटा टिनप्लेट से वर्ष 2000 में क्वालिटी विभाग से सेवानिवृत.
कार्यकाल के दौरान अर्थशास्त्र को परिभाषित करने का व्रत लिया.
निरंतर 25 वर्षो का अध्धयन, अनवरत अनेक मंचो पर संवाद तथा विषय पर,
टाटा टिनप्लेट प्रबंधन एवं राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद व भारतीय रिजर्व बैंक से पत्राचार,
करते हुए इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि "रुपए के लेन-देन को सुधारो, समस्याओ का समाधान होगा .
